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लोकसभा की चुनाव में एनडीए और इंडिया गठबंधन के बीच ही मुख्य मुकाबलाः शनि सिंकु

चाईबासा माडकम हातु के सुयश आवास परिसर में गैर राजनीतिक सामाजिक संगठन झारखंड पुनरूत्थान अभियान की एक आवश्यक बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता झारखंड पुनरूत्थान अभियान के जिला संयोजक पूर्व बैंक कर्मी अमृत मांझी ने की। बैठक में मुख्य रूप से लोकसभा चुनाव पर चर्चा हुई। साथ ही भाजपा की नरेंद्र मोदी के केंद्र सरकार की दस वर्षों की कार्यसंस्कृति पर परिचर्चा की गई। और कांग्रेस की पांच न्याय,25 गारंटी से संबंधित घोषणापत्र पर भी गंभीरता पूर्वक परिचर्चा की गई।परिचर्चा के उपरांत झारखंड पुनरूत्थान अभियान के मुख्य संयोजक सन्नी सिंकु ने कहा नरेंद्र मोदी के केंद्र सरकार की दस वर्षों के कार्यकाल की कार्यसंस्कृति को देखें तो सिरहन पैदा करने वाली जन विरोधी सरकार की पहचान ही बनी है। चाहे बेरोजगारों को प्रतिवर्ष दो करोड़ रोजगार देने की घोषणा के बाद वादा खिलाफी की बात हो। या किसानों की जमीन को अडानी जैसे बड़े कॉरपोरेट के लिए उन्हें एग्रो इंडस्ट्रीज बनाने का अवसर देने के तीन काला कानून थोपने की प्रवृति हो। चाहे छोटे व्यापारियों पर गब्बर सिंह वाले जीएसटी थोपने की बात हो। या काला धन के खिलाफ जोटबंदी हो,उसी तरह से कॉरोना के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अचानक टीवी के सामने आकर लोकडाउन का घोषणा करना हो, जिसके कारण दूसरे राज्यों में मजदूरी करने वाले प्रवासी मजदूरों को हजारों किलोमीटर पैदल चलना पड़ा था। जिसके कारण कई मजदूर रास्ते पर और रेलवे पटरी पर ही अपना जान गवां बैठा। संविधान के मूल भावना के इतर धार्मिक आधार पर सी.ए. ए और एनआरसी कानून का निर्धारण करने से पूरे देश में भय का वातावरण तैयार करना हो। दिल को दहला देने वाली मणिपुर की घटना हो या समान आचार संहिता के नाम पर देश की विविध पारंपरिक, रूढ़ी या प्रथा के खिलाफ एक समान कानून बनाने की बात हो।कश्मीर से धारा 370 हटाना हो एक अधूरे राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा स्थापित करना हो।यानी देश की सबसे बड़ी विशेषता विविधता में एकता और वन्धुत्व की भावना को पूरी तरह तार तार करने जैसे नरेंद्र मोदी सरकार की कार्यसंस्कृति को नहीं भुलाया जा सकता है। वन अधिकार अधिनियम में ग्राम सभा की शक्ति को संशोधन करना हो या भूमि अधिग्रहण कानून को संशोधन ,साथ ही साथ मोदी सरकार द्वारा प्रवर्तन निदेशालय को अपने मन अनुकूल कार्रवाई करवाना किसी से छिपा नहीं है। इसका सबसे बढ़िया उदाहरण झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल है। इलेक्ट्रोरल बॉन्ड का क्या कहना ईमानदारी का छोला पहना भाजपा की असली चाल,चेहरा और चरित्र को उजागर करने वाला साबित हुआ। साथ ही अजीत पवार भी बेहतर उदाहरण है। जिनके ऊपर आय से अधिक संपत्ति का आरोप है। लेकिन भाजपा में शामिल होते ही वे पाक साफ हो गए। और सिंहभूम संसदीय क्षेत्र की सांसद गीता कोड़ा और पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा को भी उसी परिपेक्ष्य में देखा जा सकता है। क्योंकि मधु कोड़ा पहले से ही प्रवर्तन निदेशालय द्वारा आय से अधिक संपत्ति के मामले में गठित आरोप के अधीन है। ये भी भाजपा में शामिल होकर पाक साफ होना चाहते है। और इसीलिए कांग्रेस से निर्वाचित होने के बाद भी सांसद गीता कोड़ा का कार्यसंस्कृति भाजपा कार्यसंस्कृति के अनुरूप था। इसका सबसे बढ़िया उदाहरण 2019 में सांसद निर्वाचित होने के डेढ़ दो महीने के अंदर ही सिंहभूम संसदीय क्षेत्र के गरीब आदिवासी मूलवासी किसानों, ग्रामीणों से बिना पूछे स्टेट हाईवे को नेशनल हाईवे बनाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से उनके कार्यालय में मिलकर लिखित मांग पत्र सौंपी थी। जिन सड़कों का ऑनलाइन शिलान्यास संबंधित मंत्री नितिन गडकरी ने जमशेदपुर आकर पिछले वर्ष मार्च महीने में किया था। ऑनलाइन शिलान्यास कार्यक्रम में सांसद गीता कोड़ा भी उपस्थित थी। जबकि महागठबंधन सरकार के कोई भी मंत्री या विधायक उस कार्यक्रम में शामिल नहीं हुआ था। चाईबासा, जगन्नाथपुर बायपास सड़क के नाम पर अब जिला भू अर्जन पदाधिकारी आदिवासी मूलवासी किसानों की बहुफसली सिंचित कृषि भूमि को अधिग्रहण करने के लिए बार बार नोटिस जारी कर रहे हैं।जिससे आदिवासी मूलवासी किसानों को अपनी खुंटकट्टी रैयती बहुफसली सिंचित कृषि भूमि से बिना इच्छा का विस्थापित होने का डर सता रहा है।नरेंद्र मोदी सरकार की ऐसी कार्यसंस्कृति को देखकर कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा और भारत जोड़ो न्याय यात्रा के द्वारा देश के बेरोजगार युवाओं, किसानों, मजदूरों, महिलाओं, छोटे व्यापारियों, असंगठित क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों से बातचीत करने के बाद जो घोषणापत्र कांग्रेस पार्टी ने तैयार किया है।जिसे पांच न्याय और 25 गारंटी का नाम रखा गया है। भाजपा नीत नरेंद्र मोदी सरकार की दस वर्ष की कार्यसंस्कृति और कांग्रेस की पांच न्याय और 25 गारंटी के बीच तुलनात्मक अध्ययन करने से सहज ही कांग्रेस नीत इंडिया गठबंधन का बेहतर घोषणापत्र है। जो बेरोजगार, किसान, मजदूर,महिला, एससी, एसटी, ओबीसी के हिस्सेदारी न्याय गारंटी की बात की जा रही है।क्योंकि यह लोकसभा की चुनाव है और इस बार लोकसभा की चुनाव में एनडीए और इंडिया गठबंधन के बीच ही मुख्य मुकाबला होना है। इसलिए झारखंड पुनरूत्थान अभियान लोकसभा चुनाव में जनता को अपनी वोट का कीमत बताने के लिए अभियान चलाएगी। झारखंड पुनरूत्थान अभियान की आवश्यक बैठक में राधामोहन बनर्जी, अंसार अहमद, इंदुशेखर तिवारी, शीतल पूर्ति,जगन्नाथ दिग्गी,शैली शैलेंद्र सिंकू, बसंत तांती, यार्मिया चेरोवा, अतीश गगराई, अजमबर सुरीन, बाल किशोर सोय, उपेंद्र सिंकु, विकास पूर्ति, अरिल सिंकु, संग्राम गगराई शामिल थे।

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