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बैडमिंटन खिलाड़ी प्रशांत का उसकी पूर्व प्रेमिका काजल ने सहयोगी के साथ मिलकर की हत्या, शव बरामद

काजल ने पुलिस के सामने दिया बयान कहां ब्लैकमेल करता था प्रशांत इसलिए यह कदम उठाना पड़ा


जमशेदपुर : जमशेदपुर के बिरसानगर थाना अंतर्गत जोन नंबर 1 निवासी अंतरराष्ट्रीय पारा बैडमिंटन खिलाड़ी प्रशांत कुमार सिन्हा का शव पुलिस ने पूर्व प्रेमिका काजल की निशानदेही पर हजारीबाग के छड़वा डैम से बरामद कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने काजल के आशिक रौनक को भी गिरफ्तार किया है। प्रशांत बीते 11 मार्च से लापता था। 13 मार्च को प्रशांत की मां ने बिरसानगर थाने में सनहा दर्ज कराया था, जिसके बाद 22 मार्च को प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस जांच में जुट गई थी।

मामला दर्ज करने के बाद बिरसानगर पुलिस मामले की जांच पड़ताल कर रही थी। इसी क्रम में टेक्निकल सेल और परिजनों से पूछताछ के दौरान बिरसानगर पुलिस को सुराग मिला। सुराग मिलते ही जमशेदपुर पुलिस ने हजारीबाग पुलिस से संपर्क किया और शुक्रवार को जमशेदपुर पुलिस की एक टीम हजारीबाग पहुंची। हजारीबाग एसपी अरविंद कुमार सिंह ने जमशेदपुर पुलिस को मदद करते हुए मुख्यालय डीएसपी नीरज कुमार के नेतृत्व में पेलावल थाना प्रभारी शाहिना परवीन की टीम को भेजा।

टीम ने जांच के क्रम में हजारीबाग शहर के लोहसिंघना थाना क्षेत्र के न्यू एरिया निर्मल स्कूल गली निवासी काजल सिन्हा को गिरफ्तार कर लिया। जब काजल से पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो उसने हत्या की बात स्वीकार की फिर उसकी निशानदेही पर पेलावल ओपी अंतर्गत छड़वा पुल के उत्तर पुल के नीचे कीचड़ से सड़ा-गला अवस्था में प्लास्टिक के बोरे में बंद क्षत-विक्षत शव को बरामद किया गया। इसके बाद पुलिस ने शहर के लोहसिंघना थाना अंतर्गत पैगोडा चौक समीप निवासी अपराध में सहयोगी रौनक कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया।

काजल ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि प्रशांत के साथ वर्ष 2019 से उसकी दोस्ती थी। बाद में वह प्रशांत से दूरी बनाना चाह रही थी पर प्रशांत उससे अलग नहीं होना चाह रहा था। प्रशांत उसे काफी लंबे समय से ब्लैकमेल कर रहा था और दोस्ती तोड़ लेने पर फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी दे रहा था, जिससे तंग आकर उसे 11 मार्च को जमेशदपुर से बहला-फुसलाकर हजारीबाग शहर के शहीद निर्मल महतो पार्क के पास लायी थी। जहां पहले से मौजूद दोस्त रौनक के साथ मिलकर उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। उसी रात में एक स्कूटी से प्लास्टिक की बोरी में शव को बांधकर बीच में रखकर दोनों छड़वा डैम गए और शव को ठिकाना लगा दिया।

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