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गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे साहिबजादों के अंतिम संस्कार के लिए विश्व की सबसे महंगी जमीन लेने वाले दीवान टोडरमल जैन की याद में गौरीशंकर रोड गुरुद्वारा में सजाया गया किर्तन दरबार

जमशेदपुर सिख मीडिया की ओर से गौरीशंकर रोड गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी सीख नौजवान सभा स्त्री सत्संग सभा के सहयोग से श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के परिवार के लिए कुरबानी देने वाले दीवान टोडरमल जैन, पीर बुद्दू शाह, मोती राम मेहरा, लक्खी शाह बंजारा आदि जो कि सिख नहीं थे लेकिन सिख धर्म में उनकी आस्था थी, उन सभी महान लोगो की याद में किर्तन समागम का आयोजन किया गया जिसमें सबसे पहले स्त्री सत्संग सभा ने सुखमनी साहिब का पाठ करते हुए कार्यक्रम की शुरुआत की उसके बाद ग्रंथी सोहन सिंह जी ने रहिरास साहिब का पाठ किया!
बीबी इन्द्र जीत कौर, बीबी राजवंत कौर, बीबी मंजीत कौर, ने शबद गायन करके संगत को निहाल किया कथा वाचक बीबी सतवंत कौर, ज्ञानी चरनजीत सिंह चन्न अलवर वाले ने संगत को इतिहास से अवगत कराया! इस विशेष मौके पर समाजसेवी एवं जैन समाज के प्रमुख एनआर इंडस्ट्रीज के एमडी राजन प्रफुल कमानी श्वेता जैन उनके साथ आए एवं समाज के लोगों को दीवान टोडर मल जैन के इतिहास एवं छोटे साहबजादे शहजादा जोरावर सिंह शहजादा फतेह सिंह से जुड़े इतिहास से उन्हें अवगत कराया एवं उन्हें शाल एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित भी किया गया इस मौके पर अपने संबोधन में प्रफुल्ल कमानी ने जैन समाज की ओर से गुरुद्वारा कमेटी को ₹11000 की धनराशि प्रदान की तथा सिख समाज के प्रति आभार भी प्रकट किया इस मौके पर झारखंड गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान सरदार शैलेंद्र सिंह सेंट्रल से स्त्री सत्संग सभा की प्रधान सुखजीत कौर चेयरमैन कमलजीत कौर सुखविंदर सिंह सुरेंद्र पाल सिंह टीटू लखविंदर सिंह रविंदर सिंह सविंदर सिंह इंदरजीत सिंह आदि को शाल एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया सिख मीडिया के संपादक एवं कार्यक्रम के संयोजक सरदार गुरदीप सिंह सलूजा ने अपने संबोधन में गुरुद्वारा कमेटी एवं सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार कट किया सरदार शैलेंद्र सिंह ने अपने संबोधन में दीवान टोडर मल जैन की जीवनी पर प्रकाश डाला कार्यक्रम को सफल बनाने में गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान अमरजीत गांधी महासचिव हरदीप सिंह चनिया कोषाध्यक्ष हरजीत सिंह लाडी गुरजीत सिंह पिंटू रविंदर सिंह जितेंद्र सिंह शालू सतीश कुमार मथुरेला महाराजा रणजीत सिंह सेवा दल जत्था आदि भरपूर सहयोग रहा।

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