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जिलाधिकारी की अध्यक्षता में में सूखा, पेयजल, हीटवेव, अग्निकाण्ड से बचाव के सम्बंध में बैठक सम्पन्न

जिलाधिकारी ने मुख्य खाद्यय सुरक्षा अधिकारी, अभिहित अधिकारी, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन को बाजार में बिकने वाले फल, मिठाईयों व अन्य खाद्य पदार्थों एवं औषधि की जांच करते रहने के लिए कहा

*जिलाधिकारी ने पशुओं की बीमारी गलाघोंटू, मुंहपका-खुरपका की रोकथाम हेतु समय से टीकाकरण कराये जाने, हरे चारे से होने वाली हाइड्रोसाइनिक एसिड की विषाकतता की रोकथाम के दिए निर्देश*

*जिलाधिकारी ने तालाबों एवं पोखरों को अप्रैल माह तक भरवायें जाने के दिए निर्देश*

*प्रयागराज:* जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल की अध्यक्षता में शुक्रवार को संगम सभागार में सूखा/पेयजल/हीटवेव/अग्निकाण्ड से बचाव के सम्बंध में बैठक आयोजित की गयी। बैठक में जिलाधिकारी ने जनपद के सूखा/पेयजल समस्या से अत्यधिक प्रभावित बारा, मेजा एवं कोरांव तहसीलों, चिकित्सा व्यवस्था(ग्रामीण एवं नगरी क्षेत्र), नगर व ग्रामीण क्षेत्र में जलापूर्ति, खाद्य पदार्थों एवं औषधि की जांच, पशुओं की बीमारियों की रोकथाम, सूखा/पेयजल की समस्या से पीड़ित व्यक्तियों के लिए खाद्यान्न तथा अन्य आवश्यक सामाग्री की व्यवस्था, तालाबों व पोखरों को भरवायें जाने, विद्युत आपूर्ति व्यवस्था, अग्निशमन व्यवस्था, अग्निकांड से बचाव एवं आपदा के बारे में व्यापक प्रचार-प्रसार कराये जाने के सम्बंध में विस्तार से चर्चा की।
जिलाधिकारी ने बारा, मेजा व कोरांव तहसीलों में सूखा/पेयजल की समस्या से अत्यधिक प्रभावित ग्रामों में टैंकर से पेयजल की आपूर्ति कराये जाने तथा अग्निकांड की स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त टैंकरों की व्यवस्था रखने, ट्यूबवेल्स को चिन्हित किए जाने व तालाबों/पोखरों को अप्रैल माह तक भराये जाने हेतु सम्बंधित उपजिलाधिकारी एवं जल निगम के अधिशाषी अभियंता को कहा है। ग्रामीण एवं नगरी क्षेत्रों में चिकित्सा व्यवस्था हेतु क्लोरिन टेबलेट, गर्मी से उत्पन्न बीमारियों से रक्षा हेतु आवश्यक दवाओं एवं ओ0आर0एस0 की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता बनाये रखने, कीटनाशक दवाओं, ब्लीचिंग पाउडर एवं चूने का छिड़काव कराये जाने, हीट वेव तथा अग्निकांड से प्रभावित मरीजों के लिए बेड की व्यवस्था आदि के लिए चिकित्सा विभाग को कहा है। नगर एवं ग्रामीण क्षेत्र में जर्जर एवं टूटी पाईप लाईनों की मरम्मत, हैण्डपम्प एवं नलकूपों की मरम्मत एवं रिबोरिंग का कार्य कराने हेतु अधिशाषी अभियंता जल निगम को निर्देशित किया है। जिलाधिकारी ने मुख्य खाद्यय सुरक्षा अधिकारी, अभिहित अधिकारी, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन को बाजार में बिकने वाले फल, मिठाईयों व अन्य खाद्य पदार्थों एवं औषधि की जांच करते रहने के साथ ही रेस्टोरेंटों के किचनों की सफाई की भी जांच के लिए कहा है। जिलाधिकारी ने पशुओं की बीमारी गलाघोंटू, मुंहपका-खुरपका की रोकथाम हेतु समय से टीकाकरण कराये जाने, हरे चारे से होने वाली हाइड्रोसाइनिक एसिड की विषाकतता की रोकथाम हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए है। उन्होंने खाद्यान तथा अन्य आवश्यक सामाग्री की उपलब्धता बनाये रखने हेतु आवश्यक निर्देश दिए है। जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी, जिला पंचायतराज अधिकारी को तालाबों एवं पोखरों को अप्रैल माह तक भरवायें जाने हेतु कहा है, जिससे सिंचाई एवं पशुओं को पेयजल उपलब्ध रहे। जिलाधिकारी ने मुख्य अग्निशमन अधिकारी से विगत वर्ष में तहसील वार हुई आग की घटनाओं के बारे में जानकारी ली। मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि शार्ट सर्किट एवं गैस सिलेण्डर से सर्वाधिक आग जनित घटनाएं घटित होती है, जिसके बचाव हेतु लोड के अनुसार वायरिंग कराये जाने तथा गैस सिलेण्डर की पाईप को समय-समय पर बदलते रहने की आवश्यकता होती है। जिलाधिकारी ने बारा, मेजा एवं कोरांव तहसीलों में सम्बंधित उपजिलाधिकारियों, अधीक्षण अभियंता-विद्युत वितरण, सचिव मण्डी को ग्रीष्म ऋतु में तेज हवाओं/आंधी, पराली जलाये जाने, विद्युत शार्ट सर्किट, हाईटेंशन तार टूटने से फसलों, खेत-खलिहानों तथा मकानों में आगजनी/अग्निकाण्ड से बचाव हेतु ओवर लोड ट्रांसफार्मरों, जर्जर तारों को बदलने तथा तहसील में एक कंट्रोल रूम बनाये जाने एवं पराली न जलायी जाने पाये, इसके लिए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए है। जिलाधिकारी ने अधिशाषी अभियंताओं को लगातार भ्रमणशील रहने एवं रिपोर्टिंग करते रहने के लिए कहा है। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व श्री विनय कुमार सिंह, उपजिलाधिकारीगण, अपर नगर आयुक्त, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, जिला विकास अधिकारी भोलानाथ कनौजिया सहित सम्बंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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