AITC का चौथा राष्ट्रीय अधिवेशन शांति निकेतन में संपन्न
जमशेदपुर। नोबेल पुरस्कार विजेता, गीतांजलि जैसी काव्य के साथ-साथ कईनाटकों और कहानियों के रचयिता कविकुलगुरु रविंद्र नाथ टैगोर की कर्म भूमि बोलपुर शांति निकेतन में , विश्व भारती विश्वविद्यालयके परिसर में ,पूर्व क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र ( कोलकाता ) के द्वारा निर्मित सृजनी शिल्पग्राम के मंच पर रंग कर्म के संरक्षण संवर्धन के लिए स्थापित अखिल भारतीय स्तर पर रंगमंच की समृद्धि के लिए लगातार प्रयासरत ऑल इंडिया थिएटर काउंसिल का चौथा राष्ट्रीय अधिवेशन गत 22 व 23 फरवरी को भव्य रूप से आयोजित और संपन्न हुआ।
इस राष्ट्रीय अधिवेशन में देश भर के 22 राज्यों से आये लगभग 300 रंग कर्मियों ने रंग कर्म की दशा और भावी दिशा पर दो दिनों तक गंभीर मंथन किया । ऑल इंडिया थियेटर काऊंसिल के इस अधिवेशन में देश के रंगकर्मियों ने केन्द्र सरकार से मांग की कि 2019 से पहले कलाकारों को रेलवे किराए में 75 प्रतिशत छूट मिलती थी , उसे कोरोना काल में बंद कर दिया गया था; जिसके कारण कलाकारों का एक राज्य से दूसरे राज्यों में आना जाना अत्यंत कठिन हो गया है। सांस्कृतिक आदान प्रदान के प्रयास शिथिल हो गये हैं। अतः रेलवे किराए में उस छूट को पुनः प्रारंभ किया जाये।
जमशेदपुर की पथ संस्था के निर्देशक तथा ऑल इंडिया थियेटर काउंसिल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तथा राष्ट्रीय सलाहकार झारखंड सांस्कृतिक मंच के निर्देशक श्री शिवलाल सागर जी को रंगकर्म में सतत क्रियाशीलता हेतु सम्मानित भी किया गया।
साथ ही ऑल इंडिया थियेटर काउंसिल ने आगामी कार्यक्रमों की रूप रेखा तय की ।
ऑन लाईन एकल नाट्य प्रतियोगिता का आयोजन 15 मार्च से 15 अप्रैल के बीच आयोजित होगी , जिसमे विजेताओं को नगद पुरस्कार के साथ साथ AITC की सदस्यता भी दी जायेगी । दूसरा – अखिल भारतीय स्तर पर मौलिक नाटक लेखन प्रतियोगिता तथा तीसरा – शास्त्रीय तथा अर्ध शास्त्रीय नृत्य की प्रतियोगिता भी ऑन लाईन आयोजित होगी । उक्त सभी प्रतियोगिताओं में देश के किसी भी हिस्से के कलाकार शामिल हो सकते हैं।
उक्त अधिवेशन में जमशेदपुर से राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मोहम्मद निज़ाम, सलाहकार श्री शिवलाल सागर, झारखंड प्रदेश अध्यक्ष श्री श्याम कुमार, पूर्व प्रदेश महासचिव छवि दास सहित पथ, झारखंड सांस्कृतिक मंच, निशान तथा डेट संस्था के कई रंगकर्मी सम्मिलित हुए ।
अधिवेशन के अवसर पर संध्या समय सृजनी के मंच पर पथ जमशेदपुर की ओर से मनोज मित्रा रचित नाटक – पंछी का मंचन मो० निज़ाम के निर्देशन में हुआ , जिसे देश भर से आये रंगकर्मियों ने सराहा।