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अक्षय तृतीया पर अतिउत्तम शक्ति दरवार में भक्तों की सुख, समृद्धि के लिए हुई विशेष पूजा

जमशेदपुर। शहर की धार्मिक संस्था अतिउत्तम शक्ति परिवार द्धारा हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर शनिवार 22 अप्रैल को विश्व शांति और भक्तों की सुख, समृद्धि के लिए हरहरगुटटू स्थित अतिउत्तम शक्ति दरबार में अति उत्तम त्रिशक्ति शीला (जिसमें तीनो शक्तियों का समावेश है), भगवान शिव जी, माँ लक्षमी, भगवान् विष्णु और जगन्नाथ, बलभद्र, सुभद्रा की विशेष पूजा की गयी। संस्था के संस्थापक भक्त राजा सूर्य देव उत्तम परम हंस जी की देखरेख में चार पंडितों ने विधिवत रूप से पूजा करायी। इस वर्ष जगन्नाथ पूरी और बद्रीनारायण के रूप मे चार धाम, स्थानीय नादियों का जल पंचद्रव्य और 36 प्रकार के फलो के रसो से रुद्रभिषेक पूज की गयी। उसी फलो के रसो को पंचामृत के रूप मे भक्तो के बीच वितरण किया गया। पूजा के बाद सभी भक्तों के बीच प्रसाद वितरण किया गया। भक्त राजा सूर्य देव उत्तम परम हंस ने उपस्थित भक्तों को बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार आज के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की आराधना करने से साधक के सभी दुःख दूर हो जाते हैं। ब्रम्हा, विष्णु, महेश, ब्राह्मणी, रुद्राणी, कमला रानी सर्व शक्ति, महा शक्ति, अति उत्तम शक्ति रूप हैं। इस कलयुग मे दर्शन मात्रा से ही सभी पापों का नाश कर मन के अनुसार फल प्रदान करता है। आज के इस धार्मिक अनुष्ठान को सफल बनाने में भक्त राजा सूर्य देव उत्तम परम हंस, माता कौशल्या, सूर्ययांशी, दिव्यांशी, संजय, राजदीप राम, मनोज, संतोष, आरती, सुशांतो नोना, राजेश, लड्डू, सुनील, रूस्तम आदि का योगदान रहा। मालूम हो कि अक्षय तृतीया के दिन 21 अप्रैल 2015 को इस कलयुग की माता कुल्लू रानी का नाम जगत पुत्री अति उत्तमेश्वरी कुल्लू रानी महा शक्ति माता महाकाली ने भक्त राजा सूर्य देव उत्तम परम हंस को दिया था। पूरी से लौटने के बाद माता ने इसी त्रिशक्ति शीला मे भक्त राजा सूर्य देव उत्तम परम हंस को स्थापित किया। भक्तो की यदि वियदि को नाश हो सके और उत्तमता की देवी माँ अति उत्तमेश्वरी कुल्लू रानी और अति उत्तम शक्ति दरबार और धर्मरक्षा, शांति, राष्ट्र की जय ज्ञात हो की वर्ष मे एक बार भक्तो के दर्शन हेतु अति उत्तम त्रिशक्ति को बहार निकाला जाता है।

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