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सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक हो स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच, संस्थागत प्रसव के लिए लोगों को निरंतर प्रोत्साहित करें : सौरभ सिन्हा

सीएचसी एवं अनुमंडल अस्पताल से रेफरल के मामलों में आई कमी, सितंबर में 290 वहीं अक्टूबर माह में सिर्फ 219 मरीज रेफर किए गए एमजीएम एमटीसी(कुपोषण उपचार केन्द्र) में औसत बेड ऑक्यूपेंसी 99.25 %, आयुष्मान भारत के लाभुकों में भी वृद्धि

जमशेदपुर। समाहरणालय सभागार, जमशेदपुर में अपर उपायुक्त श्री सौरभ सिन्हा की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित हुई । बैठक में #SarkarApkeDwar के तहत पंचायत स्तरीय शिविरों में उपलब्ध कराई गई स्वास्थ्य सुविधा, सरकारी अस्पतालों में प्रतिदिन का ओपीडी एवं आईपीडी की समीक्षा के साथ-साथ कुपोषण उपचार, आयुष्मान भारत, संस्थागत प्रसव आदि की समीक्षा की गई । ‘आपकी योजना आपकी सरकार आपके द्वार’ कार्यक्रम के माध्यम से पंचायत स्तरीय शिविरों में उपलब्ध कराये गए स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी देते हुए सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल ने बताया कि पहले चरण में 7928 मरीजों ने स्वास्थ्य विभाग के शिविर में निबंधन कराया जिसमें 4385 को कोविड का वैक्सीनेशन, 719 लोगों का आभा कार्ड बनाया गया तथा अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं का भी लाभ दिया गया। वहीं, दूसरे चरण में अब तक 9000 से ज्यादा लोगों को पंचायत स्तरीय शिविरों के माध्यम से लाभ पहुंचाया गया है । सभी सीएचसी, अनुमंडल अस्पताल घाटशिला व सदर अस्पताल में ओपीडी एवं आईपीडी सुविधाओं की समीक्षा में पाया गया कि अक्टूबर माह में 24500 मरीजों ने विजिट किया जिनमें 4056 मरीजों को एडमिट किया गया । रेफरल के मामलों में कमी देखी गई। सितंबर माह में जहां 290 मरीजों को एमजीएम रेफर किया गया था वहीं अक्टूबर माह में सिर्फ 219 मरीज ही रेफर किए गए । अपर उपायुक्त ने रेफरल के मामलों में और कमी लाते हुए सीएचसी एवं अनुमंडल अस्पताल में ही स्वास्थ्य सुविधाओं के बेहतरी के निर्देश दिए । उन्होने कहा कि अत्यंत आवश्यक लगे तभी मरीजों को रेफर किया जाए।

संस्थागत प्रसव में जिले की उपलब्धि 80 फीसदी पाये जाने पर अपर उपायुक्त ने सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करते हुए निरंतर लोगों के बीच संस्थागत प्रसव के प्रति जागरूकता लाने के निर्देश दिए। साथ ही सीएचसी के साथ-साथ पीएचसी में भी प्रसव सुविधा देने की बात कही ।

जिले में कुपोषण उपचार को लेकर किए जा रहे प्रयासों के बेहतर परिणाम सामने आए हैं। कुल 5 एमटीसी में अप्रैल माह से अक्टूबर माह तक 649 कुपोषित बच्चों को भर्ती किय गया जिनमें 632 को सफलतापूर्वक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। औसत बेड ऑक्यूपेंसी भी 99.25 फीसदी है। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत जिले में इस वर्ष अबतक 9052 लोगों को आयुष्मान भारत का लाभ मिला जो पिछले 4 वर्षों में सबसे ज्यादा है । कुष्ठ रोगियों के उपचार एवं सरकार की योजनाओं का लाभ देने की जिला उपायुक्त की विशेष पहल पर चलाये गए अभियान की जानकारी देते हुए बताया गया कि सितंबर माह में चलाये गए 5 दिवसीय विशेष अभियान के दौरान 21 कुष्ठ आश्रमों में 183 लोगों का आधार अपडेशन, 30 लोगों का नया आधार इनरॉलमेंट, 34 लोगों को पेशन योजना से जोड़ा गया, आयुष्मान कार्ड 12, वोटर आईडी 7, राशन कार्ड 06 तथा 229 लोगों को UDID कार्ड उपलब्ध कराया गया । मलेरिया, परिवार नियोजन कार्यक्रम, टीबी उन्मूलन आदि की भी समीक्षा कर जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक में सिविल सर्जन डॉ साहिर पाल, सभी एमओआईसी, डीपीएम, डीपीसी, डीडीएम, डब्लूएचओ के प्रतिनिधि सहित सभी सम्बन्धित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

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