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पूर्वी सिंहभूम में स्थापित होगा पंडित रघुनाथ मुरमू जनजातीय विश्वविद्यालय : रामदास सोरेन

जमशेदपुर। झारखंड राज्य निर्माण आंदोलन मुख्य रूप से झारखंड राज्य के करोड़ों अनुसूचित जनजाति( आदिवासी) आबादी की भाषा साहित्य सांस्कृतिक पहचान के साथ अपनी अस्मिता की रक्षा के लिए किया गया था। इस नवनिर्मित झारखंड राज्य में झारखंडी भाषा साहित्य संस्कृति के साथ साथ ऐतिहासिक अनुसंधान और संवर्धन करने के लिए एक विश्वविद्यालय की स्थापना किया जाना अति आवश्यक था। वर्तमान झारखंड के मुख्यमंत्री ने इस आवश्यकता को पहचान करते हुए संताली भाषा के जनक पंडित रघुनाथ मुर्मू के नाम पर झारखंड राज की पूर्वी सिंहभूम जिला जमशेदपुर में पंडित रघुनाथ मुर्मू जनजातीय विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए पंडित रघुनाथ मुर्मू जनजातीय विश्वविद्यालय विधेयक 2021 वर्तमान शीतकालीन सत्र में लाकर पारित करा दिया है। विदित हो कि झारखंड राज की जनजातीय भाषा में संताली ओल चिकी भाषा को भारत सरकार ने संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किया हुआ और आज के ही दिन विगत 22 दिसंबर 2003 को लोकसभा में संताली भाषा ओलचिकी को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने का विधेयक पास गया था। झारखंड की माननीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आज के इस इतिहासिक दिन में पंडित रघुनाथ मुरमू जनजाति विद्यालय विधेयक को पारित कराकर झारखंडी भाषा साहित्य संस्कृति एवं अस्मिता की रक्षा की नींव डाली है। माननीय मुख्यमंत्री के इस क्रांतिकारी पहल के लिए पूर्वी सिंहभूम जिला के माननीय विधायक श्री रामदास सोरेन, श्री समीर महंती, श्री संजीव
सरदार एवं श्री मंगल कालिंदी ने माननीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पुष्प गुच्छ देकर आभार व्यक्त किया।

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