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मुख्यमंत्री योगी ने सात मंजिला विशिष्ट अतिथि गृह का किया लोकार्पण, बोले- अब होटलों में नहीं ठहरेंगे मेहमान।

यूपी;मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को लखनऊ में अति विशिष्ट अतिथियों के प्रवास हेतु अति विशिष्ट गृह नैमिषारण्य का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह राज्य सरकार के लिए एक उपलब्धि है। अभी तक राज्य सरकार के मेहमानों को होटल में ठहराना पड़ता था पर अब उनके लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त गेस्ट हाऊस उपलब्ध होगा।

नैमिषारण्य शब्द का महत्व बताते हुए उन्होंने कहा कि यह नाम मां ललीता देवी से जुड़ा हुआ है। यहां नैमिषारण्य का चित्र भी लगाया जाना चाहिए। सात मंजिला भवन में 73 कमरे बनाये गए हैं। प्रदेश में पहले से 9 अतिथि गृह संचालित हैं।

यूपी देश की आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र है। पहचान के अनुरूप गेस्ट हाउस का नाम भी धर्म व संस्कृति से जुड़ा हुआ रखा गया है। इन नामों से प्रदेश को पहचान मिलती है। गेस्ट हाउस में धर्मिक स्थल की अनुभूति हो। यह जनप्रतिनिधियों के लिए एक उपलब्धि है। नागरिक को बताने का अवसर है कि उन्होंने क्या कराया है।

उन्होंने कहा कि यह राज्य सम्पति विभाग को देखना होगा कि भवन का रखरखाव अच्छा हो। सरकार तो पैसा लगा सकती है। देखरेख का काम विभाग को करना है। प्रदेश सरकार ने विभिन्न तीर्थों में भी अतिथि गृह बनाए हैं।

इस मौके पर कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री महेंद्र सिंह, कैबिनेट मंत्री ब्रजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री आशुतोष टंडन गोपाल, महापौर संयुक्ता भाटिया, मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी, एसीएस नवनीत सहगल भी मौजूद थे।

पांच सितारा होटल से बेहतर बनाया गया है

विधि एवं न्याय मंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि अतिथि गृह को पांच सितारा होटल से बेहतर बनाया गया है। नैमिषारण्य का नाम देने का निर्णय अच्छा है। नैमिषारण्य से धर्म व संस्कृति का संदेश दुनिया में जाता है। हम प्रदेश को फिर ऐसी सरकार देंगे जिसे दुनिया देखेगी।

मुख्य सचिव राजेंद्र तिवारी ने कहा कि हमारे भवन आधुनिक सुविधा से युक्त हैं। रखरखाव की व्यवस्था से धारणा बदली है। अतिथि गृह से ही बाहर से आए मेहमानों की प्रदेश के बारे में धारणा बनती है। अतिथि गृह को धर्म एवं संस्कृति विभाग से जोड़ा गया है। भोजन की व्यवस्था आउटसोर्स की गई है। भवन का रखरखाव भी बेहतर किया जाएगा।

नगर विकास मंत्री आशुतोष टन्डन ने कहा कि इस अतिथि गृह की बड़ी आवश्यकता थी। मीटिंग और सेमिनार का आयोजन होटल में करना पड़ता था। अतिथि गृह उपयोगी साबित होगा

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