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उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने किया पदभार ग्रहण, बोले- पंचायत होंगे विकास कार्यों के केन्द्र बिन्दु

उपायुक्त ने वरीय पदाधिकारियों के साथ बैठक में विधि व्यवस्था की समीक्षा कर दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिला के 23वें जिला दण्डाधिकारी-सह- उपायुक्त के रूप में 2011 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी श्री मंजूनाथ भजंत्री ने निवर्तमान जिला दण्डाधिकारी-सह- उपायुक्त श्रीमती विजया जाधव से पदभार ग्रहण किया। इस अवसर पर नवपदस्थापित उपायुक्त ने कहा कि जिले में विधि व्यवस्था का बेहतर संधारण एवं विकास कार्यो का सफल क्रियान्वयन उनकी प्राथमिकता होगी। उन्होने कहा कि केन्द्र एवं राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का समयबद्ध रूप मे धरातल पर उतारने का प्रयास रहेगा ताकि सभी सुयोग्य व्यक्ति तथा समाज के अंतिम छोर तक विकास योजनाओं को पहुंचाया जा सके । उन्होने कहा कि पंचायत को सशक्त बनाने तथा प्रखंड एवं अंचल कार्यालय की सक्रियता बढ़ाने तथा अनुशासित रखने पर विशेष बल रहेगा ताकि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को योजनाओं का लाभ सुगमता से पहुंचाया जा सके, किसी कार्य के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना पड़े। उन्होने कहा कि विकास कार्यों के केन्द्र बिन्दू में पंचायत रहेंगे । इस अवसर पर निवर्तमान उपायुक्त श्रीमती विजया जाधव ने कहा कि उपायुक्त के रूप में पूर्वी सिंहभूम जिला में पहला पदस्थापन था, कई अच्छी यादें इस जिले की हमेशा साथ में रहेंगी । विकास कार्यों का क्रियान्वयन उनकी पहली प्राथमिकता रही, जिले ने कई इंडिकेडर में बेहतर किया है, कुछ पाइपलाइन में हैं जिसका अपेक्षित परिणाम आने वाले दिनों में जरूर परिलक्षित होंगे।

अनुशासन के साथ दायित्वों का करें निर्वहन, आपस में कम्यूनिकेशन गैप नहीं रहे

पदभार ग्रहण के पश्चात नव पदस्थापित उपायुक्त ने समाहरणालय सभागार में एसएसपी श्री प्रभात कुमार, डीडीसी श्री मनीष कुमार, एसडीएम धालभूम श्री पीयूष सिन्हा, एडीसी श्री जयदीप तिग्गा समेत अन्य वरीय एवं विभागीय पदाधिकारियों के साथ बैठक कर विधि व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होने कहा कि 29 जुलाई को मनाये जाने वाले मुहर्रम के त्यौहार को लेकर सभी थाना क्षेत्रों में शांति समिति एवं जिला स्तरीय केन्द्रीय शांति समिति की बैठक हो चुकी है । उन्होने स्पष्ट कहा कि जिले में शांतिपूर्ण तरीके एवं आपसी सौहार्द्र के वातावरण में त्यौहार मनाये जाएं, राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। शांति एवं विधि व्यवस्था बनाये रखने के लिए दण्डाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों तथा पुलिस बल के प्रतिनियुक्ति का संयुक्त आदेश जारी हो चुका है। सभी प्रतिनियुक्त पदाधिकारी अनुशासित तरीके से ससमय ड्यूटी स्थल पर अपने वरीय को रिपोर्ट करेंगे, बिना पूर्वानुमति के ड्यूटी से गायब नहीं रहेंगे और ना ही जिला मुख्यालय छोड़ेंगे । उन्होने पदाधिकारियों के बीच परस्पर संवाद पर बल देते हुए कहा कि किसी भी तरह से संवादहीनता की स्थिति नहीं होनी चाहिए, किसी भी प्रकार की कोई घटना घटित हो तो वरीय पदाधिकारियों को तत्काल सूचित करेंगे । साथ ही सोशल मीडिया की निगरानी का निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार से भ्रामक खबरों का प्रसार नहीं होने पाए जिससे विधि व्यवस्था के संधारण में कोई बाधा उत्पन्न हो ।उपायुक्त ने विकास कार्यों तथा राजस्व संग्रहण के कार्यों को भी प्राथमिकता में रखते हुए सभी इंडेकिटेर में अपेक्षित प्रगति लाने की बात कही। मौके पर सिविल सर्जन डॉ. जुझार माझी, निदेशक डीआरडीए श्री सौरभ सिन्हा, जिला आपूर्ति पदाधिकारी श्री राजीव रंजन, एलआरडीसी श्री रविन्द्र गागराई, जिला परिवहन पदाधिकारी श्री दिनेश रंजन, एसडीएम घाटशिला श्री सत्यवीर रजक, जिला योजना पदाधिकारी श्री अरूण द्विवेदी, जिला पंचायती राज पदाधिकारी डॉ. रजनीकांत मिश्रा, जिला कृषि पदाधिकारी श्री मिथिलेश कालिंदी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्री रोहित कुमार तथा तकनीकी विभागों के पदाधिकारी व अन्य उपस्थित थे।

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