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राष्ट्रीय सवर्ण महासंघ फॉउंडेशन का एक दिवसीय महाधिवेशन स्थानीय सहकारिता भवन विधान सभा मार्ग पर भव्य तरीके से सम्पन्न हुआ।

लखनऊ। 27 नवम्बर देश में सवर्ण आयोग एवं पार्टीगत हिस्सेदारी सवर्ण मोर्चा नहीं तो वोट नहीं के हुँकार के साथ संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के पूर्व आई ए एस सह मुख्य सचिव आलोक रंजन एवं संत श्री करपात्री जी महाराज ने सम्मिलित रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया ।कार्यक्रम में पूर्व पुलिस महानिदेशक शुक्ला जी की भी उपस्थिति रही।
इस अवसर पर सवर्णों के प्रति सरकार पोषित बढ़ती राजनीतिक घृणा पर श्री आलोक रंजन ने क्षोभ व्यक्त किया।पूर्व मुख्य सचिव ने कहा कि समग्र राष्ट्र का विकास एवं सतत विकास ही किसी भी राष्ट्र और संठन का चिंतन होना चाहिए।वही सामाजिक विसंगतियों के लिए करपात्री जी महाराज ने सरकारों की वोट लोलुपता को कारक बताया ।बाल्मीकि रामायण का उल्लेख करते हुए कहा कि हम सभी वर्णों की बात और चिंतन करते है द्वेष घृणा हमारा कदापि सोच नहीं रही किंतू आज सवर्णों को निशाना बनाया जा रहा हैं।राष्ट्रीय अध्यक्ष गजेंद्रमणि त्रिपाठी ने कहा कि या तो मानवाधिकार आयोग को छोड़कर सभी अनुसूचित, अनुसूचित जनजाति, महिला,अल्पसंख्यक आदि आयोग को खत्म करें या फिर सवर्ण आयोग का गठन करें। सरकार एट्रोसिटी एक्ट की जगह मूलाधिकार उल्लंघन प्रतिषेध एवं मुवावजा अधिनियम लागू करें।अमेरिका से आये अंतराष्ट्रीय संयोजक डॉ दिनेश पुरोहित ने कहा कि वे सवर्णों के बच्चों के लिए विदेशों में शिक्षा एवं रोजगार मिले इसका सतत प्रयास करेंगें।राष्ट्रीय महासचिव डी डी त्रिपाठी ने कहा कि सवर्णों की आवाज को अब कोई दबा नहीं सकता ….हमें किसी भी शर्त में राजनीतिक हिस्सेदारी और स्वर्णों के हित तों की रक्षा के लिए सवर्ण आयोग चाहिए ।हमें अब हर तरह के संघर्ष के लिए तैयार रहना होगा।
बैठक को राष्ट्रीय संयोजक ओमप्रकाश सिंह,ठाकुर किरण पाल सिंह, श्रीमती रश्मि त्रिवेदी ,निहाल सिंह….आदि ने भी संबोधित किया ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष अवनीश पाठक एवं धन्यवाद ज्ञापन अभय ओझा ने किया।

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