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नैक की तैयारी में जुटा घाटशिला महाविद्यालय

Jamsedpur;घाटशिला महाविद्यालय में नैक के अगले चक्र की तैयारी को लेकर प्राचार्य डॉ आर के चौधरी की अध्यक्षता में शिक्षकों की आवश्यक बैठक प्राचार्य कक्ष में हुई। उक्त बैठक में नैक की तैयारी को लेकर पूर्व गठित आइक्यूएसी (इंटरनल क्वालिटी एश्योरेंस सेल) एवं नैक ( नेशनल एसेसमेंट ऐंड एक्रेडिएशन काउंसिल ) कमेटी का पुनर्गठन कर डॉ पी के गुप्ता को नैक कोऑर्डिनेटर तथा डॉ नरेश कुमार को आइक्यूएसी कोऑर्डिनेटर बनाया गया।
प्राचार्य डॉ आर के चौधरी ने बताया कि वर्ष 2017 में जब घाटशिला महाविद्यालय का नैक हुआ था उसमें इस महाविद्यालय को यूजीसी से संबंध नैक टीम, बैंगलुरू द्वारा ‘ए’ ग्रेडिंग दिया गया था। 5 वर्षों बाद दोबारा इस महाविद्यालय का नैक टीम द्वारा ग्रेडिंग करवाया जाना है। इसके लिए एसएसआर (सेल्फ स्टडी रिपोर्ट) तैयार कर भेजा जाना है। यह नैक टीम द्वारा तभी स्वीकृत किया जाएगा जब 2018 से 22 तक एक्यूएआर (एनुअल क्वालिटी एश्योरेंस रिपोर्ट) जमा किया गया हो। जो करोना काल के समय नियमित रूप से प्रतिवर्ष ऑनलाइन नहीं भरा जा सका है। इस रिपोर्ट को विधिवत भरने हेतु प्राचार्य ने एक कोर कमेटी का भी गठन किया ताकि शीर्ष प्राथमिकता के आधार पर इस कार्य को पूर्ण किया जा सके।
प्राचार्य डॉ चौधरी ने यह भी बताया कि अब नैक के मापदंड में काफी बदलाव भी आया है। पहले टीम द्वारा 1000 अंकों का मूल्यांकन भौतिक सत्यापन के साथ किया जाता था। अब इसमें बदलाव आ गया है। नियमानुसार महाविद्यालय द्वारा जो एसएसआर जमा किया जाता है उसमें 71% मार्क्स दिया जाएगा जो कुल प्राप्तांक का 710 अंक होता है। एसएसआर जमा होने के बाद 3 सदस्यीय नैक टीम भौतिक सत्यापन के लिए महाविद्यालय आती है जो 29% अर्थात 290 अंकों का मूल्यांकन की जाती है। प्राचार्य ने बताया कि नए नियम में एसएसआर डेटाबेस आधार पर तैयार करने का प्रावधान किया गया। इसमें अधिक अंक प्राप्त करने हेतु कॉलेज परिसर में आधारभूत संरचना का विकास के साथ विभागीय सेमिनार, वर्कशॉप, शोध पत्र प्रकाशन, प्लेसमेंट, शोध कार्य, खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियां, एनसीसी व एनएसएस के कार्यकलापों को बढ़ावा दिया जाना आवश्यक है।

*क्यों आवश्यक है नैक*

प्राचार्य डॉ चौधरी ने बताया कि नैक यूजीसी का स्वायत्त संस्था है। इसका मुख्यालय बैंगलुरू में है। इसका कार्य देशभर के विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों के गुणवत्ता को परखना और उसका ग्रेडिंग देना है। बेहतर ग्रेड मिलने पर संस्थान को विकसित करने तथा फैकल्टी विकास के लिए यूजीसी से फंड प्राप्त होता है।
पुर्नगठित आइक्यूएसी कमेटी
घाटशिला महाविद्यालय द्वारा पुनर्गठित 21 सदस्यीय आइक्यूएसी कमेटी में प्राचार्य डॉ आर के चौधरी अध्यक्ष तथा डॉ नरेश कुमार कोऑर्डिनेटर बनाए गए हैं। जबकि कोल्हान विश्वविद्यालय के नैक कोऑर्डिनेटर डॉ पी के पाणि,
पूर्व प्राचार्य डा विनोद कुमार, महाविद्यालय के शिक्षक डॉ पीके गुप्ता, डॉ एस के सिंह,ए डॉ डीसी राम, डॉ संदीप चंद्रा, प्रो इंदल पासवान, डॉ एस पी सिंह, प्रो महेश्वर प्रमाणिक, प्रो मोहम्मद सज्जाद, डॉ संजय संजेश तिवारी, प्रो अर्चना सुरीन, प्रो सोमा सिंह, प्रो विशाल कुमार, डॉ कन्हाई बारीक ,समीर कुमार राय, एचसीएल के उपमहाप्रबंधक श्रवण कुमार झा, अधिवक्ता राकेश कुमार शर्मा को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।

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