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जेंडर हिंसा के खिलाफ स्वास्थ्य प्रदाताओं के साथ कार्यशाला विकलांगता की पहचान जरुरी

जमशेदपुर।
सामाजिक संस्था युवा (यूथ यूनिटी फॉर वॉलंटरी एक्शन) एवं विमेन गेनिंग ग्राउंड ,कंसोर्टियम, क्रिया न्यू दिल्ली के तहत जेंडर हिंसा के खिलाफ 16 दिवसीय अभियान के 11वें दिन असमानता से समानता ,सबकी गिनती एक समान के तहत स्वास्थ्य प्रदाताओं के साथ विकलांगता अधिकार अधिनियम 2016 पर एक दिवसीय क्षमतावर्धन कार्यशाला पोटका प्रखंड सभागार में आयोजित किया गया। कार्यशाला में युवा की सचिव वर्णाली चक्रवर्ती , क्रिया दिल्ली से अन्वींता, झारखण्ड विकलांग मंच के अध्यक्ष अरुण सिंह, पोटका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ रजनी महाकुड,प्रखंड प्रोग्राम मैनेजर अनामिका सिंह, मनोज कुमार, धर्मपाल मंडल और 40 स्वास्थ्य सेवा प्रदाता शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत सभी के परिचय से हुई । युवा की सचिव वर्णाली चक्रवर्ती ने कार्यशाला के उद्देश्य पर विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि अक्सर शक्ति व सत्ता जिनके पास होता है, वे हर जगह अपनी पहुंच बना पाते हैं लेकिन जिनके पास शक्ति, सत्ता नहीं है उन्हें और अधिक दबाया जाता है ।साथ ही विकलांग जनों को तो गिना ही नही जाता है विकलांग ,किन्नरों इत्यादि को शादी, पर्व त्योहार में भी शामिल नहीं किया जाता है। आप स्वास्थ्य सेवा प्रदाता होने के नाते समुदाय के साथ जुड़े हैं हर घर और हर परिवार तक आपकी पहुंच और रिश्ता सबसे ज्यादा मजबूत है ।हमें एक एक विकलांग जनों की पहचान कर उन्हें सम्मान के साथ आगे बढ़ने के लिए साथ देना है। झारखंड विकलांग मंच के अध्यक्ष अरुण कुमार ने विकलांगता अधिकार अधिनियम 2016 के बारे में विस्तृत रूप से 21 प्रकार की विकलांगता के बारे में जानकारी दी ।साथ ही कहा कि हम बेहतर समझ के साथ विकलांग जनों की पहचान कर मदद कर सकते हैं और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रयास करे । उपस्थित पदाधिकारियों ने इस तरह की कार्यशाला के अयोजन की सराहना की और कहा कि विकलांगता की पहचान होना बहुत महत्वपूर्ण है ।वरना हम उन्हें सुविधाओं से नहीं जोड़ पाएंगे।कार्यक्रम का संचालन अंजना देवग़म ने किया कार्यक्रम को सफल बनाने में युवा के सभी सदस्यों ने सहयोग किया ।

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