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एनएसई लगातार पांचवें वर्ष बना दुनिया का सबसे बड़ा डेरिवेटिव एक्सचेंज

जमशेदपुर। डेरिवेटिव ट्रेड बॉडी फ्यूचर्स इंडस्ट्री एसोसिएशन (एफआईए) द्वारा प्रकाशित आंकड़ों के आधार पर एनएसई ग्रुप (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया और एनएसई इंटरनेशनल एक्सचेंज) एक बार फिर कैलेंडर वर्ष 2023 में दुनिया के सबसे बड़े डेरिवेटिव एक्सचेंज समूह के रूप में उभरा है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (एनएसई) 2023 में लगातार पांचवें वर्ष दुनिया का सबसे बड़ा डेरिवेटिव एक्सचेंज रहा। वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ एक्सचेंज (डब्ल्यूएफई) द्वारा प्रकाशित आंकड़ों के अनुसार, 2023 में ट्रेडों की संख्या (इलेक्ट्रॉनिक ऑर्डर बुक) के आधार पर एनएसई इक्विटी सेगमेंट में दुनिया में तीसरे स्थान पर है। इस संबंध में एनएसई के चीफ बिजनेस डेवलपमेंट ऑफिस श्रीराम कृष्णन ने कहा कि इक्विटी सेगमेंट में तीसरी रैंकिंग और सबसे बड़ा डेरिवेटिव एक्सचेंज होना दरअसल ग्लोबल स्तर पर भारतीय पूंजी बाजार से जुड़े ईको सिस्टम की मजबूत क्षमताओं को दर्शाता है। इससे नए निवेशकों को आकर्षित करने के साथ-साथ भारतीय बाजारों में धन प्रवाह में मदद मिलेगी, जिससे पूंजी निर्माण में सहायता मिलेगी। मैं इस अवसर पर भारत सरकार, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड, भारतीय रिजर्व बैंक, ट्रेडिंग सदस्यों, निवेशकों और अन्य सभी हितधारकों को उनके निरंतर सपोर्ट के लिए धन्यवाद देता हूं। मालूम हो कि इस वर्ष में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां भी हासिल की गईं, जैसे कि सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 4 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक हो गया, एसएमई सूचीबद्ध कंपनियों ने 1,00,000 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया और निफ्टी 50 इंडेक्स ने पहली बार 20,000 इंडेक्स स्तर को पार किया। कैलेंडर वर्ष के अंत में एक्सचेंज पर अद्वितीय पंजीकृत निवेशकों की संख्या 8.5 करोड़ से अधिक हो गई।

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