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आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में गोलमुरी स्थित ए.बी.एम महाविद्यालय के हिंदी विभाग द्वारा आयोजित समाज में सशक्तिकरण में अनुसूचित जाति जनजाति महिलाओं का योगदान वैश्विक परिदृश्य में विषयक तीन दिवसीय ऑनलाइन अंतरराष्ट्रीय अंतर विषय सम्मेलन का उद्घाटन हुआ

सेन्हा भाटाचार्य
जमशेदपुर; कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्य आयोजन सचिव मुद्दा चंद्रा के स्वागत वक्तव्य से हुआ डॉक्टर चंद्रा ने अपने वक्तव्य में समाज में सशक्तिकरण में नारी के योगदान को रेखांकित करते हुए उन्हें वंदनीय बताया स्वागत वक्तव्य के पश्चात जमशेदपुर विमेंस कॉलेज के संगीत विभाग के अध्यक्ष डॉ संदीप ने जी नारी शक्ति को नमन करते हुए गीत प्रस्तुत किया
विषय प्रवेश डॉ किरण तिवारी साहिब प्रधानाध्यापक रांची महिला महाविद्यालय ने किया
डॉ किरण तिवारी ने अपने वक्तव्य में कहा कि आने वाले कल को सशक्त करने के लिए आज महिलाओं की स्थिति में सुधार करने की आवश्यकता है सामाजिक परिवर्तन आर्थिक विकास राजनीतिक उत्थान में महिलाओं की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता कुछ महिलाओं की स्थिति से अवगत कराने के लिए ऐसी ही संगोष्ठी हो सम्मेलन हो एवं इन विषयों पर शोध की आवश्यकता

कार्यक्रम में उपस्थित कोल्हन विश्वविद्यालय चाईबासा के कुलपति गंगाधर पांडे ने नारी सशक्तिकरण का इतिहास बताते हुए शिव के रूप का वर्णन करते हुए अंधे नागेश्वरी रूप के विषय में विस्तृत वर्णन किया साथी एवं महाविद्यालय द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की सफलता की शुभकामनाएं दी

कार्यक्रम में गुजरात से संबंधित डॉक्टर कल्पना गवली ने अपने अतिथि वक्तव्य में कहा कि नारी जन्म से मृत्यु तक अहम किरदार निभाती है महिलाओं ने भारत की स्वतंत्रता के लिए योग जो योगदान दिया है उसे विस्मृत नहीं किया जा सकता इस संदर्भ में डॉक्टर कल्पना गवली ने रानी वैल्यू नाचियार झलकारी बाई हेलन लेपचा और सावित्री देवी रानी गई दिनों पुतलियां देवी पोद्दार को स्मरण किया वक्तव्य शिक्षा और नारी से संबंधित था

विशिष्ट अतिथि में मॉरीशस के अलका धन पढ़ने प्रेमचंद्र के दलित विमर्श की प्रमुख रचनाओं का उदाहरण देते हुए समाज के स्वर्ण जाति द्वारा दलितों तथा अनुसूचित के प्रति भेदभाव पूर्ण व्यवहार की चर्चा की बाजारवादीता के दौर में जनजातियों के जीवन शैली के होते हनन पर महत्वपूर्ण बातें करते हुए आदिवासी जीवन दर्शन की विस्तृत चर्चा की

प्रख्यात समकालीन कवित्री वंदना टेटे ने अपने वक्तव्य में सशक्तिकरण की अवधारणा पर प्रकाश डालते हुए नारी सशक्तिकरण के ज्वलंत मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि नारी सशक्त नहीं है उन्होंने नारी को मानसिक रूप से सशक्त करने की आवश्यकता पर बल दिया वह समाज के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं जरूरत है उसके आदिवासी पन को बचाने

कार्यक्रम में उपस्थित सांसद गीता घोड़ा अपने भक्तों के मैं कहा कि समाज के रीति-रिवाज नीति नियम महिलाओं को सशक्त करने के लिए यह सिस्ट है आवश्यकता है उन्हें रहा देने की तथा शैक्षणिक क्वाथ कर पर सुधार करने हेतु सरकार को विशेष योजना बनानी चाहिए गीता घोड़ा लेय विकास समाज में सशक्त महिलाओं की भूमिका
कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन गुलाम विश्वविद्यालय चाईबासा के कुलसचिव डॉक्टर जैन सिखाने दिया जबकि मंच कांड संचालन हिंदी विभाग के प्रधायपक अवध बिहारी पुराण ने किया।

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