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शनि हुए मार्गी: जानें सभी बारह राशियों पर इसका क्या पड़ेगा प्रभाव


11 अक्टूबर सोमवार के दिन शनि ग्रह मकर राशि में अपनी वक्री चाल बदलकर मार्गी हो गये। ग्रहों के मार्गी होने का अर्थ होता है जब वह अपनी उल्टी चाल से सीधी चाल में आ जाते हैं। ऐसे में शनि मार्गी का अर्थ हुआ कि, शनि ग्रह जो अब तक मकर राशि में उल्टी स्थिति में था अब वह 11 अक्टूबर से सीधी स्थिति में हो जाएगा।
ज्योतिष की दुनिया में ग्रहों का कोई भी परिवर्तन बेहद ही महत्वपूर्ण माना गया है। इससे व्यक्ति के जीवन में अवश्य ही कोई ना कोई बदलाव या परिवर्तन देखने को मिलता है। आइये जानते हैं कि मकर राशि में शनि का मार्गी होना सभी बारह राशियों के जीवन में क्या बड़े और अहम बदलाव लेकर आएगा।

शनि मकर राशि में मार्गी: समय
शनि ग्रह 11 अक्टूबर 2021 को सुबह 3 बजकर 44 मिनट पर मकर राशि में मार्गी हो गये और 29 अप्रैल 2022 तक यानी कुंभ राशि में गोचर करने तक यह इसी स्थिति में रहेगा।

*ज्योतिष में शनि ग्रह और मार्गी*

वैदिक ज्योतिष में शनि ग्रह का विशेष महत्व बताया गया है। शनि ग्रह को आयु, दुख, पीड़ा, तकनीकी, विज्ञान, जेल, कर्मचारी, सेवक, आदि का कारक माना गया है। इसके अलावा मकर और कुंभ राशि का स्वामित्व भी शनि देव को प्राप्त है। जहां तुला राशि में शनि उच्च का होता है तो वहीं मेष इसकी नीच राशि मानी गई है।

सभी नौ ग्रहों में शनि एक ऐसा ग्रह है जिसका अक्सर लोग नाम सुनते ही भयभीत होने लगते हैं। उन्हें लगता है शनि ग्रह का उनके जीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, हालांकि ऐसा नहीं है। शनि ग्रह एक क्रूर ग्रह अवश्य है लेकिन यह व्यक्ति को उसके कर्म के अनुसार फल देता है। यही वजह है कि शनि जिन व्यक्तियों की राशि में उच्च का होता है उन्हें रंक से राजा बनते देर नहीं लगती है।

*शनि गोचर और शनि का मार्गी होना*

गोचर का अर्थ होता है ग्रहों का एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश कर जाना। सभी नवग्रहों में शनि एक ऐसा ग्रह है जिसकी गोचरीय अवधि सबसे ज्यादा होती है। यह एक राशि में तकरीबन ढाई वर्षों यानी 31 महीनों तक रहता है और फिर अपना राशि परिवर्तन करता है। इसके अलावा कई बार राशि परिवर्तन ना करते हुए केवल शनि वक्री या मार्गी भी हो जाता है।

वक्री होना अर्थात सीधी स्थिति से उलटी स्थिति में हो जाना और मार्गी का अर्थ होता है उलटी स्थिति से सीधी स्थिति में आ जाना।

*शनि ग्रह के अशुभ होने के लक्षण और उपाय

शनि ग्रह के अशुभ होने के लक्षण:*

मकान या घर का हिस्सा गिर जाना या क्षतिग्रस्त हो जाना।

घर या दुकान में अचानक से आग लग जाना।

धन या संपत्ति का नाश होने लगना।

कानूनी और आपराधिक मामलों में जेल हो जाना।

जुए, सट्टे, और शराब की लत लग जाना।

कुंडली में शनि को मज़बूत करने और साकारात्मक फल प्राप्त करने के उपाय:

शनि की वक्री दृष्टि से बचने के लिए भगवान हनुमान की पूजा करें। रोजाना हनुमान चालीसा का पाठ करें।

काले कुत्ते को रोटी खिलाएं और यदि आप उन्हें पालते हैं तो यह और ज्यादा शुभ फलदाई साबित हो सकता है।

मछलियों को दाना डालें।
शराब, मांस, मछली, अंडे, आदि से परहेज करें।

मजदूरों, मछली और भैंस की सेवा करें।

__शनि मकर राशि में मार्गी का सभी_ बारह राशियों पर पड़ने_ _वाला प्रभाव:__

*मेष राशि*

मेष राशि के जातकों के लिए शनि उनके दसवें भाव यानी कि कर्म भाव में मार्गी हुए जिसकी वजह से मेष राशि के जातकों को पेशेवर जीवन में अनुकूल फल प्राप्त हो सकते हैं। इस दौरान आप अपने पेशेवर जीवन में संतोषजनक स्थिति में रह सकते हैं। साथ ही आप इस दौरान अपने करियर में स्थिरता और विकास देख सकते हैं। इस अवधि में आपको अपनी योग्यता और क्षमता साबित करने के कई अवसर प्राप्त हो सकते हैं। साथ ही इस दौरान आपके द्वारा कार्यस्थल पर की गई मेहनत का आपको सकारात्मक परिणाम भी प्राप्त हो सकता है। इसके अलावा इस दौरान आप कुछ विदेशी ग्राहकों से भी अच्छे संबंध बनाने में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। आर्थिक दृष्टिकोण से यह अवधि मेष राशि के जातकों के लिए थोड़ी धीमी रह सकती है। इस दौरान आपकी आमदनी और मुनाफे में कमी आ सकती है। आशंका है कि आपको इस दौरान उम्मीद से भी कम लाभ होगा। शिक्षा के दृष्टिकोण से मेष राशि के छात्रों के लिए यह अवधि औसत रूप से फलदायी साबित हो सकती है। इस दौरान आपके स्वभाव में आलस्य की वृद्धि हो सकती है जिसकी वजह जिसकी वजह से आप अपने प्रोजेक्ट्स यानी कि परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में असफल रह सकते हैं जिसका नकारात्मक प्रभाव आपके ग्रेड पर पड़ सकता है। आपको यह सलाह दी जाती कि पढ़ाई के लिए अपना टाइम टेबल यानी कि समय सारणी बनाएं और उसका अनुसरण करते हुए अपनी पढ़ाई पर ध्यान दें। इस दौरान आप अपने लिए कोई नई संपत्ति ख़रीद सकते हैं या फिर किसी पुरानी संपत्ति की मरम्मत पर धन ख़र्च कर सकते हैं। यदि आपकी किसी संपत्ति को लेकर पहले से कोई विवाद चला आ रहा है तो इस दौरान उसके सुलझने की प्रबल संभावनाएं हैं। शनि के मार्गी होने से आपके संबंधों में स्थिरता आ सकती है।

उपाय: दिन में सात बार हनुमान चालीसा का पाठ करें!

*वृषभ राशि*

वृषभ राशि के जातकों के लिए शनि योग कारक ग्रह है और यह वृषभ राशि के जातकों के नौवें और दसवें भाव का स्वामी है और इस वर्ष यह आपके नौवें भाव में मार्गी हुए हैं। इस दौरान वृषभ राशि के नौकरीपेशा जातकों को अपने कार्यक्षेत्र में एक अलग जगह बनाने के लिए और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए अत्यधिक मेहनत करने की जरूरत पड़ सकती है। इस दौरान आपके संबंध अपने वरिष्ठों से बहुत अच्छे न रहने की आशंका है। हो सकता है कि किसी वजह से आपका उनसे कोई छोटा-मोटा विवाद या बहस हो जाए। आपको यह सलाह दी जाती है कि किसी भी मीटिंग या बातचीत के दौरान अपनी वाणी और गुस्से पर नियंत्रण रखें क्योंकि आपके कठोर और कड़े शब्द आपके लिए समस्या का कारण बन सकते हैं। हालांकि आप अपनी कड़ी मेहनत और लगन से अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में सफल रह सकते हैं। आर्थिक दृष्टिकोण से यह समय वृषभ राशि के जातकों के लिए बेहतर रह सकता है। इस दौरान आप मुनाफा कमाने में सफल रह सकते हैं। यदि आप कोई निवेश करने की योजना बना रहे हैं तो यह समय लंबी अवधि के निवेश के लिए अनुकूल रह सकता है। व्यक्तिगत रूप से इस दौरान आपका झुकाव नई चीज़ें सीखने और ज्ञान अर्जित करने की ओर रहने की संभावना है। साथ ही आप अपने आस-पास की किसी भी परिस्थिति का मजबूती से सामना करने में सक्षम रह सकते हैं क्योंकि आप अपने कड़वे और बुरे अनुभवों से सीखेंगे जो आपका आत्मविश्वास मजबूत करेगा। इसके अलावा इस दौरान आपके संबंध अपने पिता से काफ़ी मधुर रह सकते हैं और आप उनसे इस अवधि में किसी भी काम को लेकर सलाह व मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं।

उपाय: शनिवार के दिन शनिदेव के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाएं!

*मिथुन राशि*

मिथुन राशि के जातकों के लिए शनि उनके आठवें भाव यानी कि विरासत, गुप्त शिक्षा और रहस्य आदि के भाव में मार्गी हुए। मिथुन राशि के वह छात्र जो रिसर्च यानी कि शोध से जुड़े हुए हैं, वे इस दौरान अपने विषयों को सही व गहराई से समझने व उन पर शोध करने के कई अवसर प्राप्त हो सकते हैं। साथ ही आप अपने शोध कार्यों में आने वाली बाधाओं और परेशानियों को दूर करने में सफल रह सकते हैं। इसके अलावा आपका ध्यान अपने काम ओर केंद्रित रह सकता है। स्वास्थ्य के लिहाज से मार्गी शनि मिथुन जातकों के लिए औसत रूप से फलदायी साबित हो सकता है। इस दौरान आपको दांतों की समस्या, बाल झड़ना और अपने शरीर के निचले हिस्से से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। आपको यह सलाह दी जाती है कि अपने मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर करने के लिए खुले वातावरण में टहलें और आलस्य को त्यागने का प्रयास करें। आर्थिक दृष्टिकोण से भी यह अवधि आपके लिए औसत रूप से फलदायी रह सकती है। इस दौरान आपको अपनी आमदनी में अनिश्चितता का सामना करना पड़ सकता है। आपको बता दें कि यह समय किसी भी प्रकार के निवेश, विशेष रूप से सट्टा बाज़ारों जैसे कि शेयर मार्केट, स्टॉक मार्केट आदि में निवेश करने के लिए अनुकूल नहीं है। ऐसे में आपको सलाह दी जाती है कि इस दौरान किसी भी प्रकार का निवेश करने से बचें अन्यथा आपको नुकसान हो सकता है।

उपाय: शनिवार के दिन किसी ज़रूरतमंद को कंबल दान करें!

*कर्क राशि*

शनि कर्क राशि के जातकों के सातवें भाव में मार्गी हुए। चूंकि शनि का आपके जीवन पर सीधा प्रभाव पड़ेगा। ऐसे में इस दौरान आप अपने आस-पास के माहौल को लेकर थोड़ा असहज नज़र आ सकते हैं। आपका व्यवहार इस दौरान अपने प्रियजनों के साथ रूखा और कठोर रहने की आशंका है। एकल जीवन व्यतीत कर रहे कर्क राशि के जातकों के लिए शनि का मार्गी होना काफ़ी फलदाई सिद्ध होने की संभावना है। इस दौरान आप अपने परिवार और दोस्तों की मदद से अपना जीवनसाथी खोजने में सक्षम रह सकते हैं और एक स्थिर रिश्ता कायम करने में सफल रह सकते हैं। वहीं आशंका है कि विवाहित जातकों को इस दौरान अपने वैवाहिक जीवन में ससुराल पक्ष की वजह से कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। पेशेवर रूप से यह अवधि नौकरीपेशा जातकों के लिए अनुकूल रह सकती है। इस दौरान आप अपने अटके हुए कामों को फिर से शुरू करने और उन्हें पूरा करने में सफल रह सकते हैं। आशंका है कि आपको अपने सहकर्मियों के साथ किसी वजह से विवाद या बहस का सामना करना पड़ सकता है इसलिए किसी मीटिंग या बातचीत के दौरान आपको अपनी वाणी पर नियंत्रण रखने की सलाह दी जाती है। साथ ही इस दौरान आप किसी भी नए प्रोजेक्ट यानी कि परियोजना पर काम शुरू करने में आलस्य का अनुभव कर सकते हैं जिसकी वजह से आपको उस कार्य को पूरा करने के लिए अपने सहकर्मियों और प्रबंधन के सहयोग की आवश्यकता पड़ सकती है। एक बार किसी कार्य को शुरू करने के बाद आप उसे पूरा करने में सफल रह सकते हैं।

उपाय: शनिवार के दिन व्रत रखें और दिन में एक बार शाम को भोजन करें!

*सिंह राशि*

शनि सिंह राशि के जातकों के छठे भाव यानी कि रोग, प्रतिस्पर्धा और शत्रु के भाव में स्थित रहेगा। ऐसे में इस दौरान आप अपने कार्यक्षेत्र में अपने काम को लेकर अधिक ऊर्जावान नजर आ सकते हैं। इस अवधि में आप अपने शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने में सक्षम रह सकते हैं। इस अवधि में आपको अपने कार्यस्थल पर अपनी योग्यता साबित करने के कई शुभ अवसर प्राप्त हो सकते हैं जिससे आप अपने करियर को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में सफल रह सकेंगे। साथ ही इस दौरान आपको अपने मनपसंद ऑर्गेनाइज़ेशन में काम करने का मौका मिल सकता है और कार्यक्षेत्र में आपके द्वारा की गई मेहनत की सराहना हो सकती है। यदि आप किसी कानूनी मामले से जूझ रहे हैं तो उसमें भी आपको सफलता हासिल होने की संभावना है क्योंकि इस अवधि में ऐसे फैसले आपके पक्ष में आ सकते हैं। जो जातक वकालत या न्यायपालिका के क्षेत्र से जुड़े हुए हैं, उन्हें भी इस दौरान अपनी कुशलता साबित करने के कई अवसर प्राप्त हो सकते हैं। शिक्षा के दृष्टिकोण से सिंह राशि के वे जातक जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें इस दौरान अनुकूल परिणाम प्राप्त होने की संभावना है। साथ ही इस दौरान शिक्षा के क्षेत्र में आने वाली किसी भी चुनौती का सामना करने में सफल रह सकते हैं। सिंह राशि के जातक अपनी परीक्षाओं में अच्छा प्रदर्शन कर सफलता हासिल कर सकते हैं। व्यक्तिगत रूप से इस अवधि में आपका स्वभाव थोड़ा झगड़ालू हो सकता है। आशंका है कि इस दौरान आपका अपने परिवार के सदस्यों और अजनबियों के साथ अक्सर झगड़ा हो सकता है। यदि आप विवाहित हैं तो इस अवधि में आपका अपने जीवनसाथी से किसी बात पर बार-बार झगड़ा हो सकता है। आपको यह सलाह दी जाती है कि अपने गुस्से और वाणी पर नियंत्रण रखें अन्यथा आपको अपने रिश्तों में समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

उपाय: शनिवार के दिन मंदिर में काले तिल का दान करें।

*कन्या राशि*

कन्या राशि के जातकों के लिए शनि उनके पांचवें भाव यानी कि प्रेम, शिक्षा और संतान के भाव में मार्गी होगा। जो जातक परिवार नियोजन की योजना बना रहे हैं, उन्हें इस दौरान शुभ समाचार प्राप्त होने की संभावना है। वहीं वे जातक जो किसी प्रेम संबंध में हैं, उनके लिए यह अवधि अनुकूल साबित हो सकती है। इस दौरान आप अपने प्रिय के साथ सभी मतभेदों को सुलझाने में सफल रह सकते हैं। साथ ही आप इस अवधि में उनके साथ एक अच्छा समय बिताते नजर आ सकते हैं। आपसी समझ भी बढ़ेगी। व्यक्तिगत जीवन के रूप से देखा जाए तो इस दौरान आपको अपनी संतान के साथ संबंधों में एक प्रकार की दूरी का अनुभव हो सकता है क्योंकि इस दौरान आपको वे अपनी ही दुनिया में व्यस्त नजर आ सकते हैं। शिक्षा के दृष्टिकोण से कन्या राशि के छात्रों के लिए यह अवधि औसत रूप से फलदायी साबित होने की संभावना है। इस दौरान आपको अपने प्रोजेक्ट्स यानी कि परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा आपकी पढ़ाई के प्रति रुचि और एकाग्रता में भी गिरावट देखी जा सकती है जोकि आपके प्रदर्शन को प्रभावित करेगा। करियर के दृष्टिकोण से इस दौरान आप नए काम करने और अपने कौशल को निखारने की कोशिश करते नजर आ सकते हैं। साथ ही इस दौरान आप अपनी रुचि के कामों से भी कमाई करने का प्रयास कर सकते हैं। आपको सलाह दी जाती है कि अपने प्रयासों को निरंतर जारी रखें क्योंकि आपको अपने प्रयासों में सफलता मिलने की संभावनाएं प्रबल हैं।

उपाय: शाम को 108 बार शनि मंत्र “ॐ नीलांजन समाभासम् रविपुत्रम् यमाग्रजम्।” का जाप करें!

*तुला राशि*

तुला राशि के जातकों की कुंडली में शनि को दो महत्वपूर्ण भावों अर्थात चौथे भाव यानी कि सुख के भाव और पांचवें भाव यानी कि संतान के भाव का स्वामी माना जाता है। इस दौरान शनि तुला राशि के जातकों के चौथे भाव यानी कि माता, भूमि और संपत्ति के भाव में मार्गी होगा। जो तुला राशि के जातकों के जीवन में कई बड़े बदलाव लेकर आएगा। यदि आप कोई संपत्ति ख़रीदने की योजना बना रहे हैं या किसी वजह से आपको संपत्ति ख़रीद की योजना में बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है तो इस दौरान आप उस बाधा को दूर करने में सफल रह सकते हैं। साथ ही इस अवधि में आप व्यवसाय के लिए कोई ज़मीन या वाहन ख़रीद सकते हैं। व्यक्तिगत जीवन के दृष्टिकोण से इस दौरान आपके संबंध अपनी माता से थोड़े रूखे जरूर रह सकते हैं लेकिन आप दोनों एक दूसरे का बहुत ख़्याल रखते भी नजर आ सकते हैं और वो भी बिना ज़ाहिर किए। इसके अलावा इस दौरान आप अनुशासित रह सकते हैं और अपने घर की चीज़ों को व्यवस्थित करने का प्रयास करते नजर आ सकते हैं। तुला राशि के वो जातक जो ख़ुद के व्यवसाय में हैं, वे इस दौरान अपने व्यवसाय के विस्तार और विकास के लिए कुछ रणनीतियां बना सकते हैं। साथ ही अपने ब्रांड को बड़ा बनाने के लिए मार्केटिंग पर अधिक ज़ोर देते नजर आ सकते हैं। साथ ही तुला राशि के जातक इस अवधि में मार्केट में अपना स्थान बनाने और अपनी सेवाएं दूर तक पहुंचाने की दिशा में कड़ी मेहनत करते नज़र आ सकते हैं।

उपाय: गले या कलाई पर एक स्फटिक धारण करें।

*वृश्चिक राशि*

शनि वृश्चिक राशि के जातकों के तीसरे भाव यानी कि बल, भाई-बहन और प्रयास के भाव में मार्गी होगा। ऐसे में यह अवधि नौकरीपेशा जातकों के लिए अनुकूल सिद्ध हो सकती है। इस दौरान आपके संबंध अपने सहकर्मियों और वरिष्ठों से बेहतर रहने की संभावना है। आप अपने कार्यक्षेत्र में अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए अपने काम के प्रति मेहनती और ऊर्जावान नजर आ सकते हैं जिससे आप लाभकारी परिणाम प्राप्त करने में सफल रह सकेंगे और कार्यस्थल पर अपनी एक अलग छवि बनाने में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। जो जातक ख़ुद के व्यवसाय में हैं, उन्हें इस दौरान अपने व्यापार के विस्तार के लिए थोड़ी ज़्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है। संभावना है कि इस दौरान काम को लेकर ग्राहकों से बातचीत/डील करने के लिए आपको बार-बार कुछ यात्राओं पर जाना पड़ सकता है। व्यक्तिगत रूप से यह अवधि वृश्चिक राशि के जातकों के लिए औसत रूप से फलदायी साबित हो सकती है। आशंका है कि इस दौरान आपके संबंध अपने दोस्तों और छोटे भाई-बहनों से बहुत अच्छे नहीं रहेंगे। अतीत के कुछ विवाद या झगड़े आपके रिश्तों में दूरियाँ ला सकते हैं। संभावना है कि ऐसी परिस्थिति में जो आपके लिए अच्छे हैं वे आपके साथ मजबूती से खड़े नज़र आ सकते हैं और जो आपके शुभचिंतक नहीं हैं, ज़ाहिर है कि वे आपसे इस दौरान किनारा कर लेंगे। इसके अलावा स्वास्थ्य के लिहाज से देखा जाए तो इस दौरान आपका झुकाव अपने शरीर की फ़िटनेस की ओर रह सकता है और आप इसके लिए कुछ व्यायाम और फ़िटनेस प्रोग्राम्स में हिस्सा ले सकते हैं जिसका आपको सकारात्मक फल प्राप्त होगा।

उपाय: मंदिर में नल या वाटर फ़िल्टर दान करें!

*धनु राशि*

इस दौरान शनि धनु राशि के जातकों के दूसरे भाव यानी कि परिवार, धन और वाणी के भाव में मार्गी होंगे। शनि की मार्गी स्थिति धनु राशि के जातकों की आर्थिक स्थिति के लिहाज से बेहतर साबित हो सकती है। इस दौरान आपकी आय में वृद्धि देखी जा सकती है। साथ ही इस अवधि में आप बचत करने में भी सक्षम रह सकते हैं। इसके अलावा आप कमाई के अन्य स्रोतों से भी लाभ प्राप्त में सफल रह सकते हैं। इस दौरान आपको पैतृक संपत्ति या पूर्व में किए गए कुछ कार्यों से भी आर्थिक लाभ होने के योग भी बन रहे हैं। इस अवधि में आप अपने निजी जीवन व पेशेवर जीवन में रूखे भाषा का इस्तेमाल कर सकते हैं जिसकी वजह से आपको अपने पेशेवर जीवन और व्यक्तिगत जीवन में कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। आपके कड़े शब्द आपके परिवार के सदस्यों और प्रियजनों को को आहत कर सकते हैं। इसके अलावा कार्यक्षेत्र में भी आपको अपनी वाणी पर नियंत्रण रखने की आवश्यकता है अन्यथा आपके सहकर्मी आपका विरोध कर सकते हैं। साथ ही परिस्थितियों से बचने के लिए बात-बात पर झूठ बोलना आपकी आदत में शामिल हो सकता है। व्यक्तिगत जीवन के रूप से देखा जाए तो इस दौरान आप अपने बच्चों के प्रति संवेदनशील रह सकते हैं और उनकी सभी गतिविधियों पर नज़र रखने का प्रयास कर सकते हैं जिसकी वजह से आपका अपने बच्चों के साथ संबंधों में कुछ खटास आ सकती है। इसके लिए आपको संवाद करते वक्त थोड़ा सतर्क रहने की ज़रूरत है।

उपाय: अपने काम करने वाले हाथ में नीलम का ब्रेसलेट पहनें।

*मकर राशि*

मकर राशि के जातकों के लिए शनि उनकी राशि यानी कि मकर राशि के लग्न भाव में मार्गी होंगे जो कि मकर राशि के जातकों के जीवन में चल रही साढ़े साती में थोड़ी राहत लेकर आ सकता है। यह अवधि आपके स्वास्थ्य के लिए अनुकूल साबित हो सकती है। मानसिक दबाव और तनाव कम रहने की संभावना है जो कि आपको एक उत्तम स्वास्थ्य और शांत मन प्रदान करेगा। साथ ही आपके रुके हुए काम पुनः प्रारम्भ हो सकते हैं। व्यक्तिगत जीवन के लिहाज से देखा जाए तो आप इस दौरान अपने परिवार और घर के सदस्यों को लेकर संवेदनशील नजर आ सकते हैं जिसकी वजह से आप उन्हें ख़ुश करने का हरसंभव प्रयास करते नज़र आ सकते हैं। इसके अलावा इस दौरान आप काफ़ी अनुशासित रह सकते हैं। आप इस अवधि में अपने व्यक्तिगत जीवन और पेशेवर जीवन में ख़ुद के लिए कुछ सख़्त नियम लागू करने का प्रयास भी कर सकते हैं। इस दौरान आपको आपकी जीवनशैली और वर्क प्रोफ़ाइल में कुछ बदलाव होने की भी संभावना है। स्वास्थ्य के लिहाज से इस दौरान आपके परिवार के सदस्यों को कुछ स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। आशंका है कि इस दौरान आपके भाई-बहन तेज़ बुखार और दाँत से जुड़ी किसी समस्या से पीड़ित हो सकते हैं। साथ ही उनके पैर में चोट लगने की भी आशंका है। इसलिए आपको यह सलाह दी जाती है कि उनके स्वास्थ्य का ख़्याल रखें। इसके अलावा इस दौरान आपके अंदर किसी भी चीज़ को लेकर निर्णय लेने की शक्ति में सुधार आ सकता है जिससे आप जीवन के सकारात्मक और नकारात्मक पहलुओं का सही ढंग से मूल्यांकन कर उचित निर्णय लेने में सक्षम रहेंगे।

उपाय: अच्छे परिणाम पाने के लिए अपने जीवन में योग, व्यायाम और ध्यान करने जैसी आदतों को शामिल करें।

*कुंभ राशि*

कुंभ राशि के जातकों के लिए शनि उनके बारहवें भाव में मार्गी। इस दौरान जो जातक विदेश जाने की योजना बना रहे हैं, उन्हें इस कार्य के लिए थोड़ा और इंतज़ार करना पड़ सकता है। स्वास्थ्य के लिहाज से इस अवधि में आपको साफ-सफाई का विशेष रूप से ख़्याल रखने की सलाह दी जाती है चूंकि आशंका है कि इस दौरान आपके पैर में किसी प्रकार का संक्रमण हो सकता है। आर्थिक दृष्टिकोण से यह अवधि आपके लिए फलदाई साबित हो सकती है। इस दौरान आप अपने बजट को सही ढंग से उपयोग करने में सक्षम रह सकते हैं और फ़िज़ूलखर्च पर लगाम लगाने में सफलता प्राप्त हो सकती है। यदि आप विदेश से जुड़े किसी व्यवसाय में हैं तो इस दौरान आप उसमें अच्छा-ख़ासा लाभ प्राप्त करने में सफल रह सकते हैं। साथ ही इस दौरान आप विदेश में भी यश प्राप्त कर सकते हैं। इस दौरान आपके विरोधी कई प्रयासों के बावजूद आपको नुकसान पहुंचाने में विफल रह सकते हैं क्योंकि इस दौरान आप अपने कार्य की वजह से उन पर हावी रह सकते हैं और आप उनकी हर गतिविधि में उन्हें मात देने में सफल रह सकते हैं। यदि आप किसी कानूनी लड़ाई का सामना कर रहे हैं तो उसमें भी आपको सफलता मिलने की संभावना है। पेशेवर रूप से नौकरीपेशा जातकों के लिए यह समय अनुकूल रहने की संभावना है। इस दौरान आप कार्यक्षेत्र में आने वाली सभी चुनौतियों और बाधाओं पर विजय प्राप्त करने में सफल रह सकते हैं। साथ ही आप इस अवधि में सुचारु रूप से काम कर सकते हैं जिसकी वजह से कार्यस्थल पर आप बेहतर प्रदर्शन करने में सफल रह सकते हैं। संबंधों के लिहाज से इस अवधि में आपके संबंध अपने भाई-बहनों के साथ अधिक मधुर न रहने की आशंका है जिसकी वजह से आपको उनसे अपने व्यक्तिगत जीवन और पेशेवर जीवन में किसी भी प्रकार का सहयोग प्राप्त करने में समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

उपाय: शाम को शनि चालीसा का पाठ करें।

*मी॒॒न राशि*

मीन राशि के जातकों के लिए शनि उनके ग्यारहवें भाव यानी कि आय और लाभ के भाव में मार्गी हुए हैं। इस दौरान व्यवसायी जातकों की आमदनी में बढ़ोतरी देखी जा सकती है। इसके अलावा वे कई अन्य संसाधनों से भी अच्छा-ख़ासा लाभ प्राप्त करने में सफल रह सकते हैं। संभावना है कि इस अवधि में आपके ग्राहक आपसे काफ़ी ख़ुश और संतुष्ट नज़र आ सकते हैं जिसकी वजह से मार्केट में आपकी छवि अच्छी बन सकती है। साथ ही इस दौरान आपके अंदर अतिरिक्त कमाई की इच्छा में वृद्धि हो सकती है जिसकी वजह से आप किसी नए कार्य की शुरुआत कर सकते हैं और साथ ही अपनी कमाई के स्रोतों का विस्तार कर सकते हैं। व्यक्तिगत जीवन के रूप से देखा जाए तो यदि आप एकल जीवन व्यतीत कर रहे हैं तो इस दौरान आप किसी नए रिश्ते में आ सकते हैं और साथ ही आप अपने साथी के साथ भविष्य की योजनाएं भी बनाते नज़र आ सकते हैं। वहीं विवाहित जातक जो परिवार नियोजन के बारे में विचार कर रहे हैं और उसमें उन्हें कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है तो इस दौरान आपको इससे जुड़ा कोई सुखद समाचार प्राप्त हो सकता है। शिक्षा के दृष्टिकोण से देखा जाए तो विशेष रूप से कानून की पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए यह समय फलदायी साबित हो सकता है। इस दौरान आपको अपनी पढ़ाई को लेकर की गई मेहनत से शुभ फल प्राप्त हो सकता है। वहीं जो छात्र अच्छे प्लेसमेंट की तलाश में हैं, उन्हें इस अवधि में अपना करियर शुरू करने के कई शुभ अवसर प्राप्त हो सकते हैं।

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